गणेश उत्सव के संबंध में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की मार्मिक अपील। अपने ही क्षेत्र में स्थापित सभी गणेश पंडालों समितियों में जाकर आग्रह पूर्वक पत्र दिया गया
फिंगेश्वर,
सनातन धर्म के वर्ष भर के प्रमुख त्योहारों में से एक गणेश चतुर्थी का पर्व है जिसमें समस्त हिंदू समाज एकजुट होकर गणेश जी की पूजा आराधना करता है वहीं कुछ ऐसे परिदृश्य भी देखने को मिलते हैं जिसके लिए हमें सुधार की आवश्यकता है उन्हें फूहडताओ को दूर करने की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए विहिप बजरंग दल की सभी गणेश पूजन पंडाल समितियों से कुछ बिंदुओं पर सुधार लाने की अपील की गई।
1. स्वरूप से ना हो छेड़छाड़ = गणेश जी प्रथम पूजनीय देव हैं युवाओं से ज्यादा बच्चों के बीच उनका खासा उत्साह देखने को मिलता है पर इसे उत्साह में गणेश समितियों उनके मूल रूप को दबाकर उनके अन्य कई प्रकार के कलाकृतियों के साथ मूर्तियां बनाई जाती है भगवान गणेश के मूल स्वरूप को बदलने का प्रयास किया जाता है जो कि निंदनीय है आप ऐसा करके हमारे धर्म एवं राज्यों का ही अपमान कर रहे हैं जिस पर विशेष ध्यान दिया
2. गीत संगीत फूहडता = आजकल गणेश पंडालों में भक्ति गीतों के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक गीत, असामाजिक गीत, ऐसे गीत जिनका धर्म एवं भक्ति से कोई संबंध ना हो ऐसे भी सुनने को मिलते हैं जो हमारे धर्म का अपमान है। विसर्जन के समय डीजे लगाकर नशाखोरी करके विसर्जन किया जा रहा है अश्लीलता पूर्ण गाने बजाएं जा रहे हैं यह कहीं भी किसी भी प्रकार से ना अपनी भक्ति को दर्शाता है नहीं आपके चरित्र को यह आप की फूहडता कोई अन्य समुदायों के आगे परिलक्षित करता है जिसमें आपके धर्म का अपमान है।
तो इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए आज फिंगेश्वर नगर के विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के हर गणेश पंडाल समितियों को यह पत्र देकर उनसे आग्रह किया है कि इन सब महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें। और इस गणेश चतुर्थी के त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाएं और अपने धर्म का सम्मान करें।


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